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Barson Ke Baad Kaheen
barason ke baad kabhee
hamatum yadi milen kaheen,
dekhen kuchh parichit se,
lekin pahichaanen naa.

yaad bhee n aaye naam,
roop, rang, kaam, dhaam,
sochen,
yah sammabhav hai -
par, man men maanen naa.

ho n yaad, ek baar
aayaa toophaan, jvaar
band, miTe pRShThon ko -
paḌhane kee Thaane naa.

baaten jo saath huee,
baaton ke saath gayeen,
aa(n)khen jo milee raheen -
unako bhee jaanen naa.
- Girija Kumar Mathur
Recited by: Vinod Tewary

काव्यालय पर प्रकाशित: 1 Feb 2019

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होलोकॉस्ट में एक कविता
~ प्रियदर्शन

लेकिन इस कंकाल सी लड़की के भीतर एक कविता बची हुई थी-- मनुष्य के विवेक पर आस्था रखने वाली एक कविता। वह देख रही थी कि अमेरिकी सैनिक वहाँ पहुँच रहे हैं। इनमें सबसे आगे कर्ट क्लाइन था। उसने उससे पूछा कि वह जर्मन या अंग्रेजी कुछ बोल सकती है? गर्डा बताती है कि वह 'ज्यू' है। कर्ट क्लाइन बताता है कि वह भी 'ज्यू' है। लेकिन उसे सबसे ज़्यादा यह बात हैरानी में डालती है कि इसके बाद गर्डा जर्मन कवि गेटे (Goethe) की कविता 'डिवाइन' की एक पंक्ति बोलती है...

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राष्ट्र वसन्त
रामदयाल पाण्डेय

पिकी पुकारती रही, पुकारते धरा-गगन;
मगर कहीं रुके नहीं वसन्त के चपल चरण।

असंख्य काँपते नयन लिये विपिन हुआ विकल;
असंख्य बाहु हैं विकल, कि प्राण हैं रहे मचल;
असंख्य कंठ खोलकर 'कुहू कुहू' पुकारती;
वियोगिनी वसन्त की...

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