पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे
पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे।
मैं तो मेरे नारायण की आपहि हो गई दासी रे।
लोग कहै मीरा भई बावरी न्यात कहै कुलनासी रे॥
विष का प्याला राणाजी भेज्या पीवत मीरा हाँसी रे।
'मीरा' के प्रभु गिरिधर नागर सहज मिले अविनासी रे॥
- मीराबाई

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मीराबाई
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 पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे
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इस महीने
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छोड़ गया कुछ अपनी निशानियाँ -- ..

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इस महीने
'मामला संगीन है'
नीशू पूनिया


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..

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इस महीने
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फिर भी हठी खड़े हैं

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विवश मनुज बेचारा ..

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शुक्रवार 29 मार्च को

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