मंगलम्
भूमि मंगलम् (भूमि मंगलम्)
उदक मंगलम् (उदक मंगलम्)
अग्नि मंगलम् (अग्नि मंगलम्)
वायु मंगलम् (वायु मंगलम्)
गगन मंगलम् (गगन मंगलम्)
सूर्य मंगलम् (सूर्य मंगलम्)
चन्द्र मंगलम् (चन्द्र मंगलम्)
जगत मंगलम् (जगत मंगलम्)
जीव मंगलम् (जीव मंगलम्)
देह मंगलम् (देह मंगलम्)
मनो मंगलम् (मनो मंगलम्)
आत्म मंगलम् (आत्म मंगलम्)
सर्व मंगलम् भवतु भवतु भवतु
सर्व मंगलम् भवतु भवतु भवतु
सर्व मंगलम् भवतु भवतु भवतु।

- अज्ञात
उदक : पानी; भवतु : ऐसा हो
सितार वादक पंडित रवि शंकर के एल्बम Chants of India से

27th Dec 2019 को प्रकाशित

***
तोड़ दो सीमा क्षितिज की,
गगन का विस्तार ले लो


विनोद तिवारी की कविता "प्यार का उपहार" का वीडियो। उपहार उनका और वीडियो द्वारा उपहार का सम्प्रेषण भी वह ही कर रहे हैं। सरल श्रृंगार रस और अभिसार में भीगा, फिर भी प्यार का उपहार ऐसा जो व्यापक होने को प्रेरित करे।

प्यार का उपहार
This Month :
'Adhooree Saadhanaa'
Vani Murarka


priyatam mere,
sab bhinn bhinn bunate hain
guladaston ko,
bhaavanaaon se,
vichaaron se.
main tumhe bunoo(n)
apanee saa(n)son se.
bhaavanaayen sthir ho jaae(n),
vichaaradhaaraa bhee
..

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This Month :
'Prem Akshat'
Abha Saxena


aap sun to rahen hain
mere geet yah
man ke mandir men deepak
jalaaye to hain
aapake saamane baiTh kar
anaginat, ashru paavan
nayan se giraaye to hain
neh kee Daaliyon se
sugandhit suman
saanvare shree charaN par
chaDh़aaye to hain
..

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