कहते हैं तारे गाते हैं
                       कहते हैं तारे गाते हैं!
                       सन्नाटा वसुधा पर छाया,
                       नभ में हमने कान लगाया,
फिर भी अगणित कंठों का यह राग नहीं हम सुन पाते हैं!
                       कहते हैं तारे गाते हैं!

                       स्वर्ग सुना करता यह गाना,
                       पृथिवी ने तो बस यह जाना,
अगणित ओस-कणों में तारों के नीरव आँसू आते हैं!
                       कहते हैं तारे गाते हैं!

                       ऊपर देव तले मानवगण,
                       नभ में दोनों गायन-रोदन,
राग सदा ऊपर को उठता, आँसू नीचे झर जाते हैं।
                       कहते हैं तारे गाते हैं!
- हरिवंशराय बच्चन

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हरिवंशराय बच्चन
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संकलन "समर्पित सत्य समर्पित स्वप्न" में कविताओं के बीच बीच कई मुक्तक भी हैं, जैसे कि यह

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..

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विनोद तिवारी की कविता "प्यार का उपहार" का वीडियो। उपहार उनका और वीडियो द्वारा उपहार का सम्प्रेषण भी वह ही कर रहे हैं। सरल श्रृंगार रस और अभिसार में भीगा, फिर भी प्यार का उपहार ऐसा जो व्यापक होने को प्रेरित करे।

प्यार का उपहार
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