कहते हैं तारे गाते हैं
                       कहते हैं तारे गाते हैं!
                       सन्नाटा वसुधा पर छाया,
                       नभ में हमने कान लगाया,
फिर भी अगणित कंठों का यह राग नहीं हम सुन पाते हैं!
                       कहते हैं तारे गाते हैं!

                       स्वर्ग सुना करता यह गाना,
                       पृथिवी ने तो बस यह जाना,
अगणित ओस-कणों में तारों के नीरव आँसू आते हैं!
                       कहते हैं तारे गाते हैं!

                       ऊपर देव तले मानवगण,
                       नभ में दोनों गायन-रोदन,
राग सदा ऊपर को उठता, आँसू नीचे झर जाते हैं।
                       कहते हैं तारे गाते हैं!
- हरिवंशराय बच्चन

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हरिवंशराय बच्चन
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मैं दीपशिखा सी जलूं तुम्हारे पथ पर।
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सजल जीवन की सिहरती धार पर,
लहर बनकर यदि बहो, तो ले चलूँ।

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पत्थरों की चोट जब उर पर लगे,
एक ही "कलकल" कहो, तो ले चलूँ।

सजल जीवन की सिहरती धार पर,
लहर बनकर यदि बहो, तो ले चलूँ।

मार्ग में तुमको मिलेंगे वात के प्रतिकूल झोंके,
दृढ़ शिला के खण्ड होंगे दानवों से राह रोके,
यदि प्रपातों के भयानक तुमुल में,
भूल कर भी भय न हो, तो ले चलूँ।

सजल जीवन की सिहरती धार पर,
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