ईमेल दर्ज़ करें: अप्रतिम कविताएँ पाने
अनूप भार्गव
हृदय से कवि और व्यवसाय से कंप्यूटर सलाहकार अनूप भार्गव का जन्म राजस्थान में हुआ। अनूप की रुचि बचपन से ही हिन्दी साहित्य और विशेषकर कविता में रही।

स्नातक की उपाधि ‘बिरला तकनीकी और विज्ञान संस्थान’ (B.I.T.S.) पिलानी से और उस के बाद स्नातकोत्तर उपाधि ‘भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, (I .I .T. ) दिल्ली से प्राप्त की। एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी के माध्यम से वे १९८३ में अमेरिका आये। अमेरिका आने के बाद भी उन्होंने अनेक संस्थाओं के माध्यम से हिन्दी के प्रचार, प्रसार और शिक्षण में सहयोग दिया।

२००७ में न्यूयार्क में होने वाले आठवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में महत्चपूर्ण भूमिका निभाई। वे सम्मेलन की ‘केंद्रीय आयोजन समिति’ के सदस्य रहे, अकादमिक सत्र में ‘हिंदी के विकास में तकनीकी का योगदान’ पर अपना आलेख प्रस्तुत किया और कवि सम्मेलन में भाग लिया।

१९९३ में ‘ई-कविता’ व ‘ई-चिन्तन’ समूहों की स्थापना की । ‘ई-कविता’ हिंदी कविता को समर्पित पहला, सब से बड़ा और सक्रिय समूह है।

२००७ में ‘उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान’ द्वारा उन्हें भारत से बाहर हिन्दी के प्रति योगदान के लिए 'विदेश प्रसार सम्मान' से सम्मानित किया गया ।

२००८ से २०११ तक वे इंटरनेट पर सब से बड़े कविता संग्रह 'कविता कोश’ से जुड़े रहे और उस के प्रचार, प्रसार में सहयोग दिया।

२०१५ में भोपाल में संपन्न हुए 'दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन' में उन्हें प्रधानमंत्री की उपस्थिति में 'विश्व हिन्दी सम्मान' से नवाज़ा गया ।

२०१८ में मौरीशस में हुए ११वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में उन्हें भारत सरकार की ओर से आमंत्रित किया गया और उन्होंने ‘प्रोद्योगिकी का भविष्य’ विषय पर प्रतिभागी के रूप में अपना लेख पढ़ा और कवि सम्मेलन में भाग लिया ।

२०१९ में लिसबन विश्वविद्यालय द्वारा लिसबन, पुर्तगाल में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया और ‘हिंदी के प्रसार में तकनीकी का प्रयोग’ पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने ‘कविता की पाठशाला’ की स्थापना की जिस में अनुभवी कवियों द्वारा कविता की विभिन्न विधाओं पर शिक्षा दी जाती है। ‘विश्वरंग अंतर्राष्ट्रीय साहित्य और कला महोत्सव’ का आयोजन किया और इसी सम्मेलन का १६ अन्य देशों में संयोजन किया।

२०२१ में उन्हें विश्व हिंदी सचिवालय , मौरीशस द्वारा विश्व भर में हिन्दी की गतिविधियों को संचालित करने के लिए वैश्विक समन्वयक नियुक्त किया गया।

इन्टरनेट पर उन की कविताएं ’अनुभूति’ , कृत्या , ‘काव्यालय’ , ‘कविता कोश’ और उन के स्वयं के ब्लाग www.anoopbhargava.blogspot.com पर पढ़ी जा सकती हैं।

अनूप का मानना है कि विश्व में हिन्दी के विकास के लिए हो रहे कार्यों को इन्टरनेट के माध्यम से सरलता और सफलतापूर्वक समन्वित किया जा सकता है और वे इस दिशा में कई योजनाओं में कार्यरत हैं ।


a  MANASKRITI  website