अप्रतिम कविताएँ
प्राप्त करें
रचनाओं के कुछ विषय

उषा काल (5)
एकान्त (3)
कृष्ण (18)


सारे विषय
'न्यूज़ चैनल'
प्रियदर्शन


यहाँ त्रासदियाँ
प्रहसन में बदली जाती हैं,
भाषा तमाशे में
और लोग कठपुतलियों में।
तबाहियों की खुराक
इसका पेट भरती है।
बहुत मनोयोग से
किया जाता है
...

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें...
'राम की जल समाधि'
भारत भूषण


पश्चिम में ढलका सूर्य उठा वंशज सरयू की रेती से,
हारा-हारा, रीता-रीता, निःशब्द धरा, निःशब्द व्योम,
निःशब्द अधर पर रोम-रोम था टेर रहा सीता-सीता।

किसलिए रहे अब ये शरीर, ये अनाथमन किसलिए रहे,
धरती को मैं किसलिए सहूँ, धरती मुझको किसलिए सहे।
तू कहाँ खो गई वैदेही, वैदेही तू खो गई कहाँ,
...

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें...


'रंग और मैं'
आशा जैसवाल


बड़े निराले होते हैं,
जीवन के ये रंग।
कभी उषा की लालिमा
बन कर मन में
आशाओं के कमल
खिला जाते हैं
तो कभी
निराशा की ... ...

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें और सुनें...
सहयोग दें
विज्ञापनों के विकर्षण से मुक्त, काव्य के सुकून का शान्तिदायक घर... काव्यालय ऐसा बना रहे, इसके लिए सहयोग दे।

संग्रह से कोई भी रचना
देखें कौन सी मिलती है!
नई प्रकाशित कवितायें
प्रतिध्वनि में नया ऑडियो
काव्य लेख में नए लेख

काव्यालय क्विज़!



सारी रचनाएँ काव्यालय के इन विभागों में संयोजित हैं:
शिलाधार - 20वी सदी के पूर्व हिन्दी का शिलाधार काव्य
युगवाणी - 20वी सदी के प्रारम्भ से समकालीन काव्य
नव-कुसुम - उभरते कवियों की रचनाएँ
काव्य-सेतु - अन्य भाषाओं के काव्य से जोड़ती हुई रचनाएँ
मुक्तक - मोती समान पंक्तियों का चयन

प्रतिध्वनि कविताओं का ऑडियो: कवि की अपनी आवाज़ में, या अन्य कलाकार द्वारा

काव्य लेख काव्य सम्बन्धित लेख

प्रकाशन का समयक्रम:
सामान्यतः महीने का प्रथम और तीसरा शुक्रवार
सम्पर्क करें | हमारा परिचय