अगली प्रस्तुति शुक्रवार 26 जुलाई को

ईमेल में पाने, अपने पास सहेजने ईमेल दर्ज़ करें
'गीत कोई कसमसाता'
अनीता निहलानी


नील नभ के पार कोई
मंद स्वर में गुनगुनाता,
रूह की गहराइयों में
गीत कोई कसमसाता!

निर्झरों सा कब बहेगा
संग ख़ुशबू के उड़ेगा,
जंगलों का मौन नीरव
बारिशों की धुन भरेगा!

...

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें...
'सुप्रभात'
प्रभाकर शुक्ला


नयन का नयन से, नमन हो रहा है
लो उषा का आगमन हो रहा है
परत पर परत, चांदनी कट रही है
तभी तो निशा का, गमन हो रहा है
क्षितिज पर अभी भी हैं, अलसाये सपने
पलक खोल कर भी, शयन हो रहा है
...

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें...
संग्रह से कोई भी रचना
देखें कौन सी मिलती है!
काव्य लेख में नए लेख
भावुकता और पवित्रता - रवीन्द्रनाथ ठाकुर

नई प्रकाशित कवितायें
आपकी कविता | सम्पर्क करें | हमारा परिचय
प्रतिध्वनि में नया ऑडियो
सारी रचनाएँ काव्यालय के इन विभागों में संयोजित हैं:
शिलाधार - 20वी सदी के पूर्व हिन्दी का शिलाधार काव्य
युगवाणी - 20वी सदी के प्रारम्भ से समकालीन काव्य
नव-कुसुम - उभरते कवियों की रचनाएँ
काव्य-सेतु - अन्य भाषाओं के काव्य से जोड़ती हुई रचनाएँ
मुक्तक - मोती समान पंक्तियों का चयन

प्रतिध्वनि कविताओं का ऑडियो: कवि की अपनी आवाज़ में, या अन्य कलाकार द्वारा

काव्य लेख काव्य सम्बन्धित लेख

प्रकाशन का समयक्रम:
सामान्यतः महीने का प्रथम और तीसरा शुक्रवार