इस महीने : जल, नदी और कवि
'जल कर दे'
वाणी मुरारका


ईश्वर मुझको जल कर दे
सीमित कर सागर कर दे

मोड़े तू जिस ओर मुझे
चल दूँ दे जी-जान तुझे

चट्टानों से ढल कर के
निर्मल निर्झर सा कर दे ...
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शुक्रवार 19 जनवरी को

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