न्यूज़ चैनल
यहाँ त्रासदियाँ
प्रहसन में बदली जाती हैं,
भाषा तमाशे में
और लोग कठपुतलियों में।
तबाहियों की खुराक
इसका पेट भरती है।
बहुत मनोयोग से
किया जाता है
लाशों को
दर्शनीय बनाने का काम।
बार-बार एक कार
डूबती हुई दीखती है,
तेज़ धार पानी में
बार-बार एक लड़की
सिर झटकती है
रोती जाती है,
इतने आंसुओं के बावजूद
नहीं बनती
दुख की कोई झील।
गिरती हुई छतों
और जलती हुई झोपड़ियों से
गुज़रते हुए चलता है
कारोबार ख़बरों का।
जलती आग
यहाँ सबसे अच्छा दृश्य है,
बहता हुआ पानी भी,
ख़ास कर तब
जब उसमें कोई डूब रहा हो।
चीखती हुई औरत
बार-बार चीखती जाती है
ऐंकर मुस्कुराता हुआ बताता है
और भी ऐसे दृश्य दिखाएँगे हम
ब्रेक के बाद।
देखिएगा लाइव मर्डर
सिर्फ़ हमारे चैनल पर।
प्रहसन -- skit
काव्यालय को प्राप्त: 2 Mar 2026.
काव्यालय पर प्रकाशित: 10 Apr 2026