अप्रतिम कविताएँ
हार्मनी

स़फेद और काला अलग रहेंगे
तो नस्ल कहाएंगे
मिलकर रहेंगे तो संगीत

हारमोनियम
साहचर्य की एक मिसाल है

उंगलियों के बीच की ख़ाली जगह
उंगलियों से भर देने के लिए है।
- हेमंत देवलेकर
काव्यपाठ: हेमंत देवलेकर
विषय:
समाज (33)

काव्यालय को प्राप्त: 30 Dec 2023. काव्यालय पर प्रकाशित: 26 Jul 2024

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..

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..

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..

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मुझमें ऐसी तरलता हो जैसे कि मुझमें नदी बह रही हो। मेरे तट पर टीलों पर मन्दिर हों और प्रिय-अप्रिय सभी को मैं स्वीकारूँ -- मच्छ मगर घड़ियाल, सभी का रहना मुझमें होमेरा बदन काट कर नहरें सभी को पोषण पहुँचाएँ।

देखिए शिव बहादुर सिंह भदौरिया की कविता "नदी का बहना मुझमें हो" पर विशेष प्रस्तुति
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