अप्रतिम कविताएँ
धत्
सीधा
मेरी आँखों में
बेधड़क घूरती
बिल्ली सा
वह एक
निडर ख़्याल तेरा
टाँगों के बीच
पूँछ दबा
मेरी एक धत् से
भाग लिया।
- दिव्या माथुर
Divya Mathur
email: [email protected]
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..

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..

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें और सुनें...
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