अप्रतिम कविताएँ

हादसे के बाद की दीपावली
रौशनी से नहाए इस शहर में
खुशियों की लड़ियाँ जगमगाती हैं
चीर कर गमों के अँधेरे को
जिंदगी आज फिर से मुस्कराती है।

धमाका फिर गूंजता है
पर बमों और बंदूकों का नहीं
पटाखों के साथ-साथ
गूंजती है किलकारियाँ भी।
सहमे से मुरझाए होठों पर
मुस्कानों की लड़ियाँ जगमगाती हैं
जिंदगी आज फिर मुस्कराती है।

आज फिर से निकल पड़े हैं लोग
दिलों में दफ्न कर अँधेरे को
हाथों में आज फिर से दियासलाई है
हैं बातियाँ भी भींगी हुई तेल में
दीये माटी के हों या चाँदी के
लौ रौशनी की झिलमिलाती है,
जिंदगी आज फिर से मुस्कराती है।

एक दीप से जलते हैं हजारों दीप
एक फूल से महकती बगिया सारी।
हौसलों के चप्पुओं को थाम
नाव जीवन की तिरती जाती है
उबर कर हादसों के साये से "गीत"
लौ उम्मीदों की झिलमिलाती है
जिंदगी आज फिर मुस्कराती है।
- गीता दूबे
काव्यपाठ: गीता दूबे
विषय:
अत्याचार आतंक (6)
दीपावली (2)

काव्यालय को प्राप्त: 29 Nov 2023. काव्यालय पर प्रकाशित: 24 Oct 2025

***
सहयोग दें
विज्ञापनों के विकर्षण से मुक्त, काव्य के सुकून का शान्तिदायक घर... काव्यालय ऐसा बना रहे, इसके लिए सहयोग दे।

₹ 500
₹ 250
अन्य राशि
गीता दूबे
की काव्यालय पर अन्य रचनाएँ

 रंग
 हादसे के बाद की दीपावली
भावुकता और पवित्रता

भाव-रस के लिए हमारे हृदय में एक स्वाभाविक लोभ होता है। काव्य और शिल्पकला से, गल्प, गान और अभिनय से, भाव-रस का उपभोग करने का आयोजन हम करते रहते हैं।

प्राय: उपासना से भी हम भाव-तृप्ति चाहते हैं। कुछ क्षणों के लिए एक विशेष रस का आभोग करके हम यह सोचते हैं कि हमें कुछ लाभ हुआ। धीरे-धीरे इस भोग की आदत एक नशा...

पूरे आलेख को इस लिंक पर पढ़ें -
इस महीने :
'नफ़रत'
विस्सावा शिंबोर्स्का


देखो, तो अब भी कितनी चुस्त-दुरुस्त और पुरअसर है
हमारी सदी की नफ़रत,
किस आसानी से चूर-चूर कर देती है
बड़ी-से-बड़ी रुकावटों को!
किस फुर्ती से झपटकर
हमें दबोच लेती है!

यह दूसरे जज़्बों से कितनी अलग है --
एक साथ ही बूढ़ी भी और जवान भी।
यह खुद ..

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें और सुनें...
इस महीने :
'न्यूज़ चैनल'
प्रियदर्शन


यहाँ त्रासदियाँ
प्रहसन में बदली जाती हैं,
भाषा तमाशे में
और लोग कठपुतलियों में।
तबाहियों की खुराक
इसका पेट भरती है।
बहुत मनोयोग से
किया जाता है
..

पूरी प्रस्तुति यहाँ पढें और सुनें...
संग्रह से कोई भी रचना | काव्य विभाग: शिलाधार युगवाणी नव-कुसुम काव्य-सेतु | प्रतिध्वनि | काव्य लेख
सम्पर्क करें | हमारा परिचय
सहयोग दें

a  MANASKRITI  website