स्थगित सपना

हिन्दी अनुवाद


स्थगित सपने का क्या होता है?

क्या वह सूख जाता है
किशमिश जैसे धूप में?
या पकता है घाव सा
फिर रिसता है?
बासता है, जैसे सड़ता गोश्त?
या पपड़ी जम जाती है
चीनी अलग हो जाती है
जैसे चाशनी पर?

शायद वह बस लच जाता है
जैसे भारी बोझ।

या कि होता है विस्फोट?


अंग्रेज़ी मूल


What happens to a dream deferred?

Does it dry up
like a raisin in the sun?
Or fester like a sore—
And then run?
Does it stink like rotten meat?
Or crust and sugar over—
like a syrupy sweet?

Maybe it just sags
like a heavy load.

Or does it explode?


- लैंग्स्टन ह्यूज़
- अनुवाद: वाणी मुरारका

21st Aug 2020 को प्रकाशित

***
लखनऊ के एक बड़े प्रकाशक की मुलाकात पाँचवी कक्षा के एक बालक से हुई -- तो क्या बातें हुईं दोनों में? वह बालक उस उम्र में कौन सी किताबें पढ़ रहा था? उसकी प्रथम प्रकाशित कविता कौन सी थी?

देखिए "बाल विनोद - लिखते पढ़ते कविता" "एक मुलाकात 'पंखुरी' के साथ" भाग 3 -- अद्भुत कविताओं के रचनाकार विनोद तिवारी बचपन में क्या पढ़ते थे, लिखते थे -- एक कवि की बालक से कवि बनने की यात्रा।

बचपन में विनोद तिवारी एक तलाश पर चल दिए। इन्द्रधनुष के उस पार जाना था। बचपन में ही एक उपन्यास में कुछ पढ़ कर उन्होंने अपना करियर चुना। बात उसी तलाश की थी।

सात-आठ साल की उम्र में कविता लिखनी भी शुरु की। उस वक्त उनके हिन्दी के अध्यापक ने जो कहा उसका असर अब तक उनकी हर कविता पर रहती है।

प्रस्तुत है वीडियो श्रृंखला एक मुलाकात 'पंखुरी' के साथ का भाग 2 : विनोद तिवारी और इन्द्रधनुष अब असली वार्तालाप शुरु हुई है, और कितनी दिलचस्प! बाल मन पर हुए प्रभाव जिसने जीवन भर की दिशा तय की।

शामली उत्तरप्रदेश में एक बहु-प्रतिभाशाली फूल की पंखुरी रहतीं है -- पारुल ’पंखुरी’। वह एक सफल कवयित्री, यूट्यूबर, गायिका हैं जो नित नए प्रयोग करती रहती हैं। काव्यालय परिवार का वह अभिन्न अंग हैं।

उन्होंने एक साक्षात्कार आयोजित किया, दो दिग्गज कवि विनोद तिवारी और अमृत खरे के साथ। काव्यालय की संस्थापिका वाणी मुरारका भी उपस्थित हैं। देखिए वीडियो श्रृंखला का पहला भाग

एक मुलाकात ’पंखुरी’ के साथ 1 - परिचय
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