
पिछले कई वर्षों से आई.टी. (IT) क्षेत्र में कार्यरत और तकनीक की व्यस्त दुनिया से जुड़े होने के बावजूद राहुल सिंह 'राहु' का साहित्य और शब्दों के प्रति गहरा लगाव हमेशा जीवंत रहा है।
उनके शब्दों में - "कोडिंग और तकनीक की दुनिया मेरी आजीविका है, लेकिन कविता और शायरी मेरी आत्मा को सुकून देती हैं। अपने कॉर्पोरेट सफर में जब भी रोज़मर्रा की भागदौड़ से थक जाता हूँ, तो शब्द ही मेरा सहारा बनते हैं। कविताएँ लिखते हुए मैंने अपनी भावनाओं को और बेहतर ढंग से व्यक्त करना सीखा। मेरा मानना है कि दिल से निकली बातें जब सीधे पाठकों के दिलों तक पहुँचती हैं, तो एक लेखक की मेहनत पूरी हो जाती है।"
इनका मानना है कि कविता केवल शब्दों का ताना-बाना नहीं, बल्कि किसी के रोते हुए दिल को सहलाने और खामोश जज़्बातों को आवाज़ देने का माध्यम है। कविता सरल और साधारण भाषा में होनी चाहिए जिससे ज़्यादा से ज़्यादा लोग उसे समझ सकें व उससे जुड़ सकें।
राहुल सिंह विभिन्न डिजिटल पटलों पर अपनी रचनाएँ साझा करते रहते हैं।