Gahraa Aangan
is pal kaa yah gaharaa aa(n)gan
isamen too spandit hai saajan.
nayanaalokit smRtiyon se hain
man bharapoor preet se paavan.

dooShit vishv pavan ho paavan
jag ko arpit yah premaa(n)gan.
tanahaaee jo man manDaraae -
too manameet hameshaa saajan.
- Vani Murarka
नयनालोकित: नयन + आलोकित: रोशनी से भरी आँखें
Vani Murarka
vani.murarka@gmail.com

प्राप्त: 29 Nov 2014. प्रकाशित: 5 Apr 2018

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Vani Murarka
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पूरी रचना यहाँ पढें...
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फिर भूल गया
मेरा अस्तित्व था नगण्य
तुमसे जुड़े बिन
नए अंकों से मिल कर
मैंने मान लिया था स्वयं को
पूर्ण से भी कुछ अधिक ...
पूरी रचना यहाँ पढें...
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